काव्य-शिल्पी

साहित्य एक विशद अनुभूति है और वह अनुभूति मानव मन में बसी है.....आइए महसूस करें उस अनुभूति को....😊

शुक्रवार, 5 अगस्त 2016

अब्बास क़मर की ग़ज़ल

›
🌴🌴 याद आई तेरी सुर्ख मन्ज़र हुआ, हमने लिख दी ग़ज़ल दिल सुख़नवर हुआ! 🌷🌷 जिस घड़ी जुगनुओ ने...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

अवनीश त्रिपाठी
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.