काव्य-शिल्पी

साहित्य एक विशद अनुभूति है और वह अनुभूति मानव मन में बसी है.....आइए महसूस करें उस अनुभूति को....😊

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सोमवार, 19 दिसंबर 2016

ममता लड़ीवाल की विविध विधा में तीन रचनाएँ

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गीतिका -------- वतन के काम जो आए वही जीवन सुहाना है चमन सा देश बन जाए सपन सच कर दिखाना है चलाओ आँधियों में तीर अपने लक्ष्य को साधो जमान...
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अवनीश त्रिपाठी
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