काव्य-शिल्पी

साहित्य एक विशद अनुभूति है और वह अनुभूति मानव मन में बसी है.....आइए महसूस करें उस अनुभूति को....😊

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सोमवार, 28 जून 2021

'दिन कटे हैं धूप चुनते' : समकालीन विसंगति एवं खुरदुरे यथार्थ का सूक्ष्म अवलोकन by सत्यम भारती

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समीक्षक-सत्यम भारती, जे एन यू ●●●●●● " गीतों की परंपरा तो सभ्य - असभ्य सब जातियों में अत्यंत प्राचीन काल से ही चली आ रही है...
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अवनीश त्रिपाठी
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