काव्य-शिल्पी

साहित्य एक विशद अनुभूति है और वह अनुभूति मानव मन में बसी है.....आइए महसूस करें उस अनुभूति को....😊

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सोमवार, 28 जून 2021

आधुनिक जनजीवन के अत्यंत करीब-दिन कटे हैं धूप चुनते by राहुल शिवाय

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आधुनिक जनजीवन के अत्यंत करीब- दिन कटे हैं धूप चुनते ■■ समीक्षक-राहुल शिवाय          साहित्य की सभी विधाओं में गीत, लोकमन और जीवन...
मंगलवार, 22 जून 2021

नवगीत-सिद्धार्थ होना चाहता हूँ by राहुल शिवाय

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अंतर्यात्रा के दौरान हो रही मानसिक उथल पुथल से ऐसे गीत सृज जाते हैं।राहुल शिवाय के गीत संग्रह 'मौन भी अपराध है' के अधिकांश गीत गीत स...
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अवनीश त्रिपाठी
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